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“चंडीगढ़ में ‘वोट बचाओ’ अभियान तेज़: रजनी पाटिल और RS बाली ने संभाली कमान, बूथ स्तर पर घेराबंदी की तैयारी”

➤ रजनी पाटिल ने मतदाता सूची में बदलावों पर उठाए सवाल, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
➤ आरएस बाली ने 2.09 लाख से अधिक मतदाताओं के अंतर का मुद्दा उठाया, बूथ स्तर पर सत्यापन की तैयारी
➤ 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा तीसरा चरण, 35 वार्डों और घर-घर तक अभियान पहुंचाने का लक्ष्य


नगरोटा बगवां/चंडीगढ़। नगरोटा बगवां के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर. एस. बाली को चंडीगढ़ के लिए एआईसीसी ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाने के बाद रविवार को उन्होंने सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ की एआईसीसी प्रभारी श्रीमती रजनी पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस प्रेस वार्ता में एआईसीसी सचिव एवं हिमाचल प्रदेश-चंडीगढ़ के सह-प्रभारी विदित चौधरी, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में कथित बदलावों, मतदाता अधिकार, सत्यापन प्रक्रिया और अभियान को बूथ से लेकर घर-घर तक ले जाने की अपनी रणनीति सामने रखी।

रजनी पाटिल ने कहा- वोट का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद

प्रेस वार्ता में रजनी पाटिल ने मतदाता सूची में होने वाले बदलावों और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक नाम महज एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि वह एक नागरिक, एक परिवार और उसके संवैधानिक अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है।

रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि यदि उचित सुरक्षा उपायों और सत्यापन प्रक्रिया के बिना वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं तो इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची तैयार करने और उसमें बदलाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची में होने वाले प्रत्येक बदलाव की प्रक्रिया स्पष्ट हो और पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

रजनी पाटिल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में जनता के बीच लेकर जाएगी और प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा के साथ चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।

चंडीगढ़ में 2.09 लाख से अधिक मतदाताओं के अंतर का मुद्दा: RS बाली

आरएस बाली ने चंडीगढ़ की मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर अपने नोट में दर्ज आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ में 6,59,805 मतदाता दर्ज थे, जबकि पुनरीक्षण के बाद यह संख्या 4,50,282 दर्ज की गई। दोनों आंकड़ों के बीच करीब 2,09,523 मतदाताओं का अंतर सामने आता है।

बाली ने कहा कि इन आंकड़ों और मतदाता संख्या में आए अंतर के कारणों की पारदर्शी जांच आवश्यक है। उनके अनुसार मतदाता सूची में प्रत्येक बदलाव का स्पष्ट कारण, उचित सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है। किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो उसके पीछे कारण और अपनाई गई प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि वास्तविक मतदाता अपने अधिकार से वंचित न हो।

25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा तीसरा चरण

आरएस बाली ने बताया कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल’ अभियान का तीसरा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान बूथ लेवल एजेंटों यानी BLAs और ‘वोट रक्षक’ स्वयंसेवकों के सहयोग से मतदाता सूचियों के सत्यापन पर जोर दिया जाएगा।

अभियान के तहत संदिग्ध प्रविष्टियों का दस्तावेजीकरण करने और नागरिकों को उनके मतदाता अधिकारों तथा आधिकारिक सुधार प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की योजना है। पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ, सेक्टर, ब्लॉक और जिला स्तर पर मतदाता सूची से संबंधित जानकारी जुटाने और मामलों को व्यवस्थित करने के लिए सक्रिय किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि ‘वोट रक्षक’ पोर्टल के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन मतदाताओं के नाम हटने या मतदाता सूची में किसी तरह की समस्या की शिकायत सामने आएगी, उनकी जानकारी जुटाकर निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के तहत उसे ठीक कराने के लिए प्रयास किया जाएगा।

पांच जिलों और 35 वार्डों तक पहुंचाने की तैयारी

चंडीगढ़ के लिए एआईसीसी ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी संभाल रहे आरएस बाली ने कहा कि उनका प्रयास पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में चंडीगढ़ के पांच जिलों और 35 वार्डों/ब्लॉकों में संगठनात्मक समन्वय मजबूत करना और अभियान को प्रत्येक बूथ तथा घर तक पहुंचाना होगा।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को किसी विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में मतदान करने के लिए कहना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से इस्तेमाल कर सके।

कांग्रेस की योजना अगले दो महीनों के दौरान चंडीगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में चौपाल और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करने की है। इन कार्यक्रमों में लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें अपनी मतदाता जानकारी जांचने तथा किसी तरह की समस्या होने पर आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से सुधार कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।

एच.एस. लक्की ने जमीनी स्तर पर अभियान बढ़ाने की बात कही

चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने अभियान को स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं के माध्यम से जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। प्रेस वार्ता में बताया गया कि अगले दो महीनों में अलग-अलग स्थानों पर चौपालें आयोजित की जाएंगी और लोगों से सीधे संवाद किया जाएगा।

लक्की की ओर से चंडीगढ़ में संगठन को अभियान के लिए सक्रिय करने और आगामी कार्यक्रमों की तैयारी पर जोर दिया गया। इसी क्रम में 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली के लिए चंडीगढ़ से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी भी बताई गई।

विदित चौधरी की मौजूदगी में संगठनात्मक समन्वय

प्रेस वार्ता में एआईसीसी सचिव एवं हिमाचल प्रदेश-चंडीगढ़ के सह-प्रभारी विदित चौधरी भी मौजूद रहे। उपलब्ध प्रेस वार्ता रिकॉर्ड में उन्हें इसी पद और भूमिका के साथ प्रस्तुत किया गया है। हालांकि रिकॉर्ड में विदित चौधरी का अलग से कोई विस्तृत स्वतंत्र वक्तव्य स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, इसलिए उनके नाम से कोई अतिरिक्त बयान जोड़ना उचित नहीं होगा।

इस लिहाज से प्रेस वार्ता में कांग्रेस की रणनीति तीन स्तरों पर सामने आई। रजनी पाटिल ने मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठाया, एच.एस. लक्की ने चंडीगढ़ संगठन के स्तर पर अभियान और कार्यक्रमों की दिशा रखी, जबकि आरएस बाली ने बूथ, सेक्टर, वार्ड और घर-घर तक अभियान पहुंचाने की कार्ययोजना सामने रखी। विदित चौधरी की मौजूदगी ने एआईसीसी और चंडीगढ़ संगठन के बीच समन्वय की भूमिका को सामने रखा।

चौपाल से बूथ तक पहुंचेगा अभियान

कांग्रेस ने साफ किया कि अब अभियान को केवल प्रेस वार्ताओं और राजनीतिक प्रदर्शनों तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर मतदाता संपर्क से जोड़ा जाएगा। इसके तहत चौपालों के माध्यम से लोगों से बातचीत, मतदाता सूची का सत्यापन और पात्र मतदाताओं के नाम से जुड़ी शिकायतों को दर्ज करने पर जोर रहेगा।

आरएस बाली ने कहा कि यदि किसी ऐसे व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट गया है जो पात्र है और वहां निवास करता है, तो उसके मामले को संबंधित प्रक्रिया के तहत उठाया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची और चुनावी रिकॉर्ड से जुड़े मामलों की जानकारी देने की तैयारी की गई है।

1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए भी तैयारी

प्रेस वार्ता में 1 नवंबर की दिल्ली महारैली को लेकर भी कांग्रेस की तैयारियों पर चर्चा हुई। चंडीगढ़ से रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक बैठकें और कार्यकर्ता संपर्क अभियान चलाने की बात कही गई।

कांग्रेस ने इस अभियान को देशभर में चल रहे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान से जोड़ते हुए कहा कि मतदाता अधिकार का सवाल व्यापक लोकतांत्रिक मुद्दा है। चंडीगढ़ में इसके तीसरे चरण के तहत संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की योजना बनाई गई है।

अभियान के केंद्र में मतदाता अधिकार

पूरी प्रेस वार्ता का मुख्य संदेश पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा और मतदाता सूची की पारदर्शिता रहा। कांग्रेस ने मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं और उनके कारणों की स्पष्ट जानकारी तथा सत्यापन की मांग की है।

वहीं आरएस बाली ने चंडीगढ़ में एआईसीसी ऑब्जर्वर के रूप में अपनी भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि अभियान को संगठन के हर स्तर तक पहुंचाया जाएगा। पांच जिलों, 35 वार्डों/ब्लॉकों, बूथों और घरों तक पहुंचने की इस रणनीति के जरिए कांग्रेस अब इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।

आने वाले एक महीने में चौपाल, मतदाता सत्यापन, कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग और जनसंवाद इस अभियान के प्रमुख हिस्से होंगे। कांग्रेस का कहना है कि उसका प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।